प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, हिजाब की वजह से दीक्षांत समारोह में जाने से एक मुस्लिम छात्रा को रोका गया तो मुस्लिम लड़की ने गोल्ड मेडल लेने से ही इंकार कर दिया। भारतीय राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय के सभी टॉपर छात्रों और छात्राओं को अपने हाथों से सम्मानित किया। लेकिन इस दौरान विश्वविद्यालय की गोल्ड मेडल विजेता मुस्लिम छात्रा राबिया को हिजाब पहने होने की वजह से कैंपस के अंदर समारोह में ही जाने से रोक दिया गया।
विश्वविद्यालय यूनिवर्सिटी में गोल्ड विजेता छात्रा राबिया का आरोप है कि जब तक राष्ट्रपति कोविंद समारोह में मौजूद रहे, तब तक उसे अंदर नहीं जाने दिया गया। बाद में जब कई छात्रों को सम्मानित करने के बाद राष्ट्रपति ऑडिटोरियम से बाहर निकल गए, तब उसे अंदर जाने दिया गया। इस भेदभाव वाले रवैये पर विरोध जताते हुए राबिया ने यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडल लेने से इनकार कर दिया।
राबिया का आरोप है कि उसे सबके सामने नीचा दिखाने और अपमानित करने की कोशिश की गई। छात्रा ने कहा, “मैं अन्य छात्रों के साथ सभागार के अंदर बैठी हुई थी, तभी मुझे वहां से बाहर जाने के लिए कहा गया। वहां पर मुझे अपना हिजाब हटाने के लिए कहा गया, लेकिन जब मैंने इससे इनकार कर दिया तो मुझे सभागार से बाहर बैठने के लिए कहा गया। इस पूरी घटना के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अंदर ही मौजूद थे।”
जानकारों का कहना है कि एक ओर जहां भारत की जीडीपी लगातार नीचे गिर रही है, बेरोज़गारी अपने चरम पर है, मंहगाई नए-नए रिकॉर्ड बना रही है और भ्रष्टाचार ने पूरे देश को जकड़ रखा है वहीं इस देश में अगर कोई आगे बढ़ रहा है वह है कट्टरवाद, चरमपंथ और भगवा आतंकवाद, जो इस देश को दीमक की तरह ख़त्म किया जा रहा है और देश की संवैधानिक संस्थाएं केवल तमाशाई बनी देख रही हैं।